मध्य प्रदेश के खरगोन की गरिमा ने यूपीएससी पास करके पहले ही प्रयास में आईपीएस रैंक हासिल कर सफलता हासिल की थी, लेकिन उसका एक अलग टारगेट था. इसलिए, उन्होंने फिर से तैयारी की और दूसरे प्रयास में IAS बनने के अपने सपने को पूरा किया. आज हम आपको उनकी सफलता की कहानी के बारे में बताएंगे.
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गरिमा ने अपनी स्कूली शिक्षा खरगोन के सरस्वती विद्या मंदिर से की. वह बचपन से ही बुद्धिमान और होशियार थीं. उनकी बड़ी बहन प्रीति अग्रवाल ने भी 2013 में भारतीय डाक सेवा की परीक्षा पास की. गरिमा ने स्कूली जीवन से लेकर यूपीएससी सिविल सेवा तक हर क्षेत्र में सफलता हासिल की है.
गरिमा ने अपनी सफलता का मंत्र बताते हुए यूपीएससी सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को कई अमूल्य टिप्स दिए. गरिमा के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी एक साथ की जानी चाहिए न कि अलग-अलग.
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गरिमा के मुताबिक, यूपीएससी प्री और मेन परीक्षा में एक जैसे सवाल आ सकते हैं. इसलिए रिवीजन जरूरी है. केवल किताबें इक्ठ्ठा करने से ही सफलता नहीं मिलती है, बल्कि उसका अध्ययन करना पड़ता है. मॉक टेस्ट देने चाहिए. इसके साथ ही उत्तर लिखने का अभ्यास कर स्पीड बढ़ाएं.गरिमा के मुताबिक सबसे पहले प्री-एग्जाम को टारगेट किया जाना चाहिए, हालांकि, दोनों परीक्षाओं की तैयारी एक साथ करनी चाहिए, क्योंकि बाद में मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए समय नहीं मिलेगा, लेकिन ध्यान प्री पर होना चाहिए.
मॉक टेस्ट के माध्यम से अपने रिवीजन को चेक करते रहें. कोर्स मेटेरियल इंटरनेट पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. एक इंटरव्यू में गरिमा ने कहा, "मैं खुद उन विषयों में अलग से प्रैक्टिस करती थी जिनमें मुझे कम अंक मिलते थे."
नकारात्मक विचारों वाले लोगों से दूर रहना ही बेहतर है. असफलता या सफलता दोनों ही हमारे दिमाग में होती है अगर हम ठान लें तो कुछ भी हासिल कर सकते हैं.









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